आदरणीय धर्मबन्धुओं, सादर जय जिनेन्द्र! 🙏
अत्यन्त हर्ष के साथ सूचित किया जाता है कि दिगम्बर जैन समुदाय की सेवा में एक डिजिटल ग्रंथालय समर्पित किया गया है — भारत का सबसे व्यापक दिगम्बर जैन डिजिटल ग्रंथालय!
997+
शास्त्र ग्रंथ PDF
19+ GB
दुर्लभ ग्रंथ
20
विभाग
चतुरनुयोग — The Four Anuyogas
📜
प्रथमानुयोग
— 170 ग्रंथ (3.29 GB)
आदिपुराण, महापुराण, पद्मपुराण, हरिवंशपुराण, त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित्र
🌌
करणानुयोग
— 79 ग्रंथ (2.14 GB)
तिलोयपण्णत्ति, त्रिलोकसार, गोम्मटसार, कषायपाहुड़, सिरिभूवलय
🙏
चरणानुयोग
— 79 ग्रंथ (1.28 GB)
मूलाचार, रत्नकरण्ड श्रावकाचार, पुरुषार्थसिद्ध्युपाय
🔱
द्रव्यानुयोग
— 224 ग्रंथ (4.89 GB)
समयसार, प्रवचनसार, षट्खण्डागम, धवला, जयधवला, श्लोकवार्तिक, सर्वार्थसिद्धि
एवं अन्य विभाग
⚖️ न्याय — 68 ग्रंथ •
📋 पाण्डुलिपि — 73 ग्रंथ •
🎙️ उपदेश — 52 ग्रंथ •
📝 व्याकरण — 32 ग्रंथ •
🙏 स्तोत्र — 36 ग्रंथ •
📖 शब्दकोश — 28 ग्रंथ •
✨ ज्योतिष/आयुर्वेद/गणित — 24 ग्रंथ •
🌍 English — 15 ग्रंथ •
✍️ हस्तलिखित गोहाना — 46 प्रतियाँ •
🧘 ध्यान — 8 ग्रंथ •
🎓 पाठ्य — 21 ग्रंथ •
📚 जैन इतिहास — 64 ग्रंथ
विशेष सुविधाएँ — Key Features
- 📖 PDF Viewer — मल्टी-टैब, ज़ूम, फुलस्क्रीन
- 🔍 खोजें — हिन्दी एवं अंग्रेज़ी में
- 🔖 बुकमार्क एवं नोट्स — पृष्ठ सहेजें
- 📚 शब्दकोश — 170+ दार्शनिक शब्दों का अर्थ
- 🔗 शेयर लिंक — PDF सीधे साझा करें
- 📱 मोबाइल एवं डेस्कटॉप दोनों पर
- ♿ अभिगम्यता — फ़ॉन्ट, कंट्रास्ट, कीबोर्ड
कैसे शुरू करें
1
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2
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जितने अधिक लोग शास्त्र पढ़ेंगे, उतना ही स्वाध्याय का पुण्य बढ़ेगा।